Uttarakhand: उत्तराखंड के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में चल रहे आतंकवाद-रोधी अभियान के दौरान भारतीय सेना के युवा अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी शहीद हो गए। वे अल्मोड़ा जिले के निवासी थे। उनकी शहादत की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कर्तव्य निभाते हुए राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। सेना ने उनके साहस, समर्पण और सेवा भावना को सलाम किया है।
रक्षा सूत्रों के मुताबिक, लेफ्टिनेंट गोस्वामी ‘ऑपरेशन शेरोवाली’ के तहत राजौरी के मंजाकोट क्षेत्र में अत्यंत कठिन और दुर्गम जंगलों में ऑपरेशनल ड्यूटी पर तैनात थे। गश्त और सर्च ऑपरेशन के दौरान वह एक गहरी खाई में गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उनके साथी जवानों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
बताया जा रहा है कि जिस इलाके में अभियान चलाया जा रहा था, वह सुरक्षा बलों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। घने जंगल, खड़ी और पथरीली ढलानें, फिसलन भरे रास्ते और खराब मौसम की परिस्थितियां ऑपरेशन को और अधिक कठिन बना देती हैं। इसी क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के बाद सेना पिछले कई दिनों से लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही थी।
सेना के प्रवक्ता के अनुसार, शहीद अधिकारी का पार्थिव शरीर पहले जम्मू एयर फोर्स स्टेशन ले जाया जाएगा, जहां सेना और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव अल्मोड़ा भेजा जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को नमन किया है। उनकी शहादत को देश हमेशा याद रखेगा।

Chief Editor, Aaj Khabar
