Uttarakhand: सिखों के आस्था के प्रतीक विश्व प्रसिद्ध हेमकुंड साहिब धाम के कपाट आज शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। ट्रस्ट द्वारा की गई तैयारियों के बीच दोपहर 1 बजे अंतिम अरदास के साथ कपाट बंद किए जाएंगे। इस अवसर पर करीब तीन हजार श्रद्धालु मौजूद रहेंगे, वहीं सेना और पंजाब के बैंड अपनी मधुर धुनों से वातावरण को भक्ति रस में रंग देंगे।
पौराणिक हिंदू तीर्थ लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी आज अंतिम अभिषेक पूजन के बाद बंद होंगे। सुबह 10 बजे अमृतसरी रागी जत्थे द्वारा शबद कीर्तन शुरू किया गया। इसके बाद अंतिम अरदास कर हेमकुंड साहिब के कपाट विधिविधान से बंद कर दिए जाएंगे।
हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अनुसार इस साल रिकॉर्ड तोड़ 2 लाख 74 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने धाम के दर्शन किए। हर वर्ष बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या उनकी आस्था और निष्ठा का प्रतीक मानी जा रही है। यह यात्रा जहां शारीरिक रूप से कठिन है, वहीं आत्मिक शांति का भी अनुभव कराती है।
बीते दिनों हुई बर्फबारी के चलते हेमकुंड साहिब सहित केदारनाथ और बदरीनाथ की चोटियां बर्फ की चादर से ढक गई हैं, जिससे तीर्थ यात्रियों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
चारधाम कपाट बंद होने की तिथियां
- गंगोत्री धाम : 22 अक्टूबर, पूर्वाहन 11:36 बजे अन्नकूट पर्व पर
- यमुनोत्री धाम : 23 अक्टूबर, दोपहर 12:30 बजे भैया दूज पर
- केदारनाथ धाम : 23 अक्टूबर, शुभ लगनानुसार भैया दूज पर
- बदरीनाथ धाम : 25 नवंबर, दोपहर 2:56 बजे शुभ मुहूर्त पर

Chief Editor, Aaj Khabar
