Uttarakhand: अस्कोट के ओझापाली गांव में बीती रात आई प्राकृतिक आपदा ने 22 वर्षीय भुवन जोशी की जान ले ली। जानकारी के अनुसार, गांव से करीब 60 मीटर ऊपर बनी सिंचाई नहर अवरुद्ध होने से पानी जमा होता रहा और वहां एक बड़ा तालाब बन गया। तड़के करीब 4:30 बजे अचानक कच्ची भूमि टूट गई और तेज़ बहाव सीधे गांव की ओर बढ़ गया।
तेज़ धारा ने ललित मोहन जोशी के दो मंजिला मकान की पत्थर की दीवार तोड़ दी, जिससे ऊपर के कमरे में सो रहे भुवन मलबे में दब गए। छत, तख्ते और बल्लियां टूटकर भरभरा कर गिर पड़ीं। नीचे कमरे में सो रहे पिता ललित मोहन, माता और बहन सुरक्षित बच गए। वहीं बगल के मकान को भी क्षति पहुंची, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई।
सूचना मिलते ही ग्रामीण एकता मंच के संयोजक तरुण ने पुलिस और प्रशासन को अवगत कराया। एसडीएम डीडीहाट और अस्कोट कोतवाल की मौजूदगी में शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
भुवन की किस्मत उसे घर खींच लाई थी
भुवन गुरुवार को नानी को छोड़ने गया था और वहीं रुकने वाला था, लेकिन अचानक शाम को घर लौट आया। रात को पढ़ाई के लिए वह ऊपर के कमरे में सोया था, जहां हादसे के समय वह अकेला था। भुवन पीजी कॉलेज नारायणनगर का छात्र था और उसकी बहन भी वहीं पढ़ती है।
तहसीलदार डीडीहाट पिंकी आर्या ने बताया कि मृतक के परिवार को पंचनामा पूरा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन की ओर से दोनों प्रभावित परिवारों को पांच हजार रुपये, राशन, कंबल और अन्य राहत सामग्री दी गई है। मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये का चेक भी प्रदान किया गया है। आगे की आवश्यकता के अनुसार प्रशासन हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा।


Chief Editor, Aaj Khabar
