Uttarakhand: चमोली जिले के बदरीनाथ के पास माणा में शुक्रवार को आए एवलॉन्च के बाद मलबे में दबे बीआरओ मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। शनिवार सुबह 7:30 बजे से सेना, आईटीबीपी, पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
हेली रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू, मौसम में सुधार
आज सुबह मौसम साफ होने के बाद जोशीमठ बेस कैंप से हेलीकॉप्टरों के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया। फिलहाल दो निजी हेलीकॉप्टरों को बदरीनाथ धाम की ओर भेजा गया है।
अब तक 47 मजदूरों को बचाया गया, 8 अभी भी फंसे
शुक्रवार शाम तक 33 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया था, लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। आज सुबह फिर से बचाव कार्य शुरू हुआ और अब तक 14 और मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। अब तक कुल 47 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि 8 मजदूर अभी भी फंसे हुए हैं।
घायलों का इलाज जारी, अस्पताल अलर्ट पर
अब तक बचाए गए मजदूरों में से तीन को ज्योतिर्मठ सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने अस्पताल का दौरा कर सभी को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। ज्योतिर्मठ, गौचर और देहरादून के अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके।
सीएम धामी कर रहे हैं मॉनिटरिंग, पीएम मोदी ने ली जानकारी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी के लिए जोशीमठ पहुंच सकते हैं। वे हेलीकॉप्टर से बचाव कार्य का निरीक्षण करेंगे और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री से बात कर राहत-बचाव कार्य की जानकारी ली है।
बर्फ से ढकी सड़कें बनी चुनौती
हनुमान चट्टी से बदरीनाथ तक करीब 20 किलोमीटर सड़क 6 से 8 फीट बर्फ से ढकी हुई है, जिससे सड़क मार्ग से रेस्क्यू ऑपरेशन करना मुश्किल हो गया है। इसके चलते बचाव कार्य के लिए हेली रेस्क्यू ऑपरेशन पर पूरा फोकस किया जा रहा है।
बचाव अभियान तेजी से जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही सभी मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।
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Chief Editor, Aaj Khabar


