Uttarakhand: डॉ. अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। महिला छात्रावास के लिए बनाए जा रहे शौचालय के निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलते समय कंपनी के इंजीनियर और एक मिस्त्री की दम घुटने से मौत हो गई।
टनकपुर के छीनीगोठ स्थित कॉलेज में कुछ सप्ताह पूर्व सेप्टिक पिट का लेंटर डाला गया था। रविवार अपराह्न जब शटरिंग खोली जा रही थी, तभी मिस्त्री हसन (24), निवासी नौगांव, पीलीभीत पिट में उतरा लेकिन बाहर नहीं आया। काफी देर तक न लौटने पर कंपनी के इंजीनियर शिवराज चौहान (28), निवासी चगेटी भनौली, दन्या, अल्मोड़ा भी अंदर उतर गए, लेकिन दोनों वापस नहीं लौटे।
इस पर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पाकर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग की टीम पहुंची और दोनों को अचेत अवस्था में बाहर निकाला। 108 एंबुलेंस व स्वास्थ्य टीम की मदद से उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. घनश्याम तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों की मौत दम घुटने से हुई प्रतीत हो रही है। उनके मुंह में गंदा पानी भी भरा था। वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होंगे।
सीओ वंदन वर्मा ने कहा कि मृतकों के परिजन मौके पर पहुंच गए हैं और उनकी मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिस पिट में हादसा हुआ, वह करीब 10 फीट गहरा, आठ फीट लंबा और छह फीट चौड़ा था।

Chief Editor, Aaj Khabar
