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Gairsain: भराड़ीसैंण विधानसभा में गैस संकट पर हंगामा, कांग्रेस का धरना और वॉकआउट

Gairsain: भराड़ीसैंण विधानसभा में गैस संकट पर हंगामा, कांग्रेस का धरना और वॉकआउट
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Gairsain: उत्तराखंड विधानसभा के भराड़ीसैंण स्थित सदन में बजट सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत सभी मंत्री और विधायक सदन में मौजूद रहे, लेकिन सत्र शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने गैस आपूर्ति में कथित किल्लत और कालाबाजारी के मुद्दे को लेकर विधानसभा की सीढ़ियों पर धरना शुरू कर दिया।

गुरुवार को भी इसी मुद्दे को लेकर सदन में तीखी बहस और हंगामा हुआ था। शुक्रवार को भी विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश के कई जिलों में एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार को एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सदन में चर्चा से बच रही है, जिसके चलते हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही करीब 45 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने नियम 310 के तहत प्रदेश में गैस सिलिंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी का मुद्दा उठाया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने मामले को नियम 58 के तहत भोजनावकाश के बाद सुनने का निर्णय लिया।

भोजनावकाश के बाद सत्र दोबारा शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि एलपीजी की आपूर्ति केंद्र सरकार से जुड़ा विषय है और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलिंडरों की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं है।

सत्र के दौरान विपक्ष ने अवैध खनन का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया, लेकिन सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का कहना था कि जब नियम 310 के तहत चर्चा की अनुमति दी गई थी, तो सरकार इस पर खुली चर्चा से क्यों बच रही है।

विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेशभर में गैस सिलिंडर लेने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं और होटल, ढाबा व रेस्टोरेंट संचालकों को सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। लगातार विरोध और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही करीब 45 मिनट तक बाधित रही।

इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सदन को जानकारी दी कि राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नैनीताल जिले में गैस की कालाबाजारी के मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।

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