Bareilly: महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के शिक्षा एवं सहबद्ध विज्ञान संकाय के पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो. बी.आर. कुकरेती को अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में चार दशकों से अधिक समय तक दिए गए उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित “एमिनेंट टीचर एजुकेटर अवार्ड” से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान 12-13 मार्च 2026 को सिक्किम की राजधानी गंगटोक में आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ टीचर एजुकेटर्स (IATE) की 58वीं वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सिक्किम के शिक्षा, विधि, संसदीय कार्य, खेल एवं युवा मामलों के कैबिनेट मंत्री राजू बस्नेत, सिक्किम केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शांतनु कुमार स्वैन, मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. मोहम्मद मियां तथा IATE की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. अनीता रस्तोगी ने संयुक्त रूप से उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए 100 से अधिक शिक्षाविद भी उपस्थित रहे।
यह पुरस्कार इंडियन एसोसिएशन ऑफ टीचर एजुकेटर्स द्वारा प्रतिवर्ष अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट और दीर्घकालिक योगदान देने वाले देश के चयनित तीन से चार शिक्षाविदों को लाइफटाइम अचीवमेंट के रूप में दिया जाता है।
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के बरसूड़ी गांव में जन्मे प्रो. बी.आर. कुकरेती ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल से एम.एड में गोल्ड मेडल प्राप्त किया तथा महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से शिक्षा शास्त्र विषय में पीएचडी की डिग्री हासिल की।
पिछले लगभग 40 वर्षों के अपने शैक्षणिक करियर में उन्होंने अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया। इस दौरान उन्होंने बरेली कॉलेज बरेली, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर तथा महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अनेक शिक्षकों व शोधार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रो. कुकरेती को मिला यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का सम्मान है, बल्कि उत्तराखंड और देश की शिक्षक शिक्षा परंपरा के लिए भी गर्व का विषय माना जा रहा है।

Chief Editor, Aaj Khabar
