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Lucknow: गेमिंग जोन और सॉफ्टवेयर ऑफिस में लगी भीषण आग, 15 लोगों की मौत, सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश

Lucknow: गेमिंग जोन और सॉफ्टवेयर ऑफिस में लगी भीषण आग, 15 लोगों की मौत, सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश
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Lucknow: राजधानी के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। यहां एक बहुमंजिला इमारत की तीसरी मंजिल पर संचालित गेमिंग जोन और सॉफ्टवेयर ऑफिस में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का उपचार किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में चल रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि भवन में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। जान बचाने के लिए कई लोगों ने इमारत से नीचे कूदने की कोशिश की, जबकि कुछ लोग पास से गुजर रहे तारों के सहारे नीचे उतरने का प्रयास करते नजर आए। हादसे के समय भवन में 30 से अधिक लोग मौजूद थे, जिनमें कुछ छात्र भी शामिल बताए जा रहे हैं।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। हालांकि आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि उसे पूरी तरह नियंत्रित करने में कई घंटे लग गए। चार घंटे बाद भी इमारत के कुछ हिस्सों से धुआं और लपटें निकलती रहीं। आग पर काबू पाने के बाद राहत एवं बचाव दल ने भवन के अंदर से एक-एक कर शव बाहर निकाले। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अधिकांश लोगों की मौत दम घुटने के कारण हुई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तत्काल लखनऊ पहुंच गए। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने केजीएमयू जाकर घायलों का हालचाल भी जाना। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने तथा घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।

हादसे के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं सिविल अस्पताल और केजीएमयू को अलर्ट मोड पर रखा गया तथा आपातकालीन वार्डों में अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गईं।

उधर, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने भी इमारत की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह देखा जा रहा है कि भवन में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति थी या नहीं, अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और आग लगने का वास्तविक कारण क्या था। प्रशासन द्वारा हादसे से हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।

इस भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकास मार्गों की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

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