Headlines

Uttarakhand: विधानसभा में गूंजा मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा, जंगली जानवरों से किसानों की फसलें बर्बाद होने पर सरकार से जवाब तलब

Uttarakhand: विधानसभा में गूंजा मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा, जंगली जानवरों से किसानों की फसलें बर्बाद होने पर सरकार से जवाब तलब
शेयर करे-

Uttarakhand: उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026 के दूसरे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई, जहां पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों से किसानों को हो रहे नुकसान का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विपक्ष ने कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रदेश की कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग की, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने नियम 58 के तहत विचार करने का आश्वासन दिया।

प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने जंगली जानवरों से किसानों की फसलों को हो रहे भारी नुकसान पर सरकार से जवाब मांगा। भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान, खजान दास, महेश जीना और विनोद कंडारी ने इस विषय को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों के कारण किसानों की फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सदन में वन (संरक्षण) अधिनियम से जुड़े प्रावधानों और जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों के अधिकारों पर भी चर्चा हुई। विधायकों ने वन मंत्री सुबोध उनियाल से कई सवालों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की, जिस पर स्पीकर ने भी मंत्री से गंभीरता से जवाब देने की अपील की।

भाजपा विधायक खजान दास ने वन कानूनों को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नियम लागू हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए पूछा कि उत्तराखंड में सड़कों के निर्माण की परियोजनाएं वन स्वीकृति में लंबे समय तक क्यों अटकी रहती हैं।

इस पर जवाब देते हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हाल के वर्षों में फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लोक निर्माण, पेयजल और विद्युत समेत छह विभागों के कुल 713 प्रस्तावों को वन स्वीकृति प्रदान की गई।

डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा उठाया। इस पर वन मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि वर्ष 2000 से 31 जनवरी 2026 तक राज्य में वन्यजीव हमलों में 1,296 लोगों की मौत हुई है, जबकि 6,624 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली मुआवजा राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है।

वहीं यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने यमुनोत्री-खरसाली रोपवे परियोजना की प्रगति पर सवाल उठाया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि परियोजना का टेंडर नई कंपनी को दिया गया है और जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।

हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने आईएसबीटी, चिड़ियाघर और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेल आयोजनों की मांग को लेकर सदन में धरना दिया।

सत्र के दूसरे दिन सदन में राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट भी रखी जानी है। इसके साथ ही चार अध्यादेशों को भी सदन के पटल पर प्रस्तुत किया जाएगा।

गौरतलब है कि सत्र के पहले दिन सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जो पिछले बजट की तुलना में लगभग 10.41 प्रतिशत अधिक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *