CJP Protest: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन के बीच तनाव बढ़ गया है। नई दिल्ली इलाके में PTI बिल्डिंग के पास पुलिस पर पथराव की घटना सामने आने की जानकारी मिली है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, करीब 150 प्रदर्शनकारी मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके गए, जिसमें दो जवान घायल हो गए। घटना के बाद करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस विशेष घटना को लेकर पुलिस का विस्तृत आधिकारिक बयान और घायलों की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं हैं। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस का कहना है कि आवेदन निर्धारित समय से काफी देर से दिया गया था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंध आवश्यक थे।
प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अलग-अलग स्थानों से सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया। कुछ रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 400 से अधिक, जबकि पुलिस से जुड़े एक समाचार स्रोत ने करीब 500 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को भी दिल्ली पहुंचने पर विमान के अंदर से हिरासत में लिया गया। पार्टी ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए नेताओं की रिहाई की मांग की है।
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए। पुलिस ने बैरिकेडिंग, ड्रोन निगरानी और सख्त जांच की व्यवस्था की। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने की व्यवस्था की गई थी। जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक निलंबित करने का आदेश भी जारी किया गया था। रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों से जुड़ी कई ट्रेनों को भी रद्द या प्रभावित किया।
CJP का कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं, दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रतिबंधों को उचित बताया है।
PTI बिल्डिंग के पास कथित पथराव की घटना में पुलिसकर्मियों के घायल होने, हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों और आगे की कार्रवाई पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। घटना की परिस्थितियां और जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस का विस्तृत बयान महत्वपूर्ण होगा।
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Chief Editor, Aaj Khabar
