Dehradun: उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष की शुरुआत पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास के 25 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए आगामी 25 वर्षों का रोडमैप जनता के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह समारोह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का उत्सव है, जिसमें हर नागरिक की भूमिका अहम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रजत जयंती वर्ष राज्य के गौरवशाली सफर का उत्सव है, साथ ही भविष्य की दिशा तय करने का अवसर भी। उन्होंने बताया कि 1 से 11 नवंबर तक प्रदेशभर में कार्यक्रम होंगे, जिनमें प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन, युवा महोत्सव, पूर्व सैनिक सम्मेलन, राज्य आंदोलनकारी सम्मेलन तथा 9 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में स्थापना दिवस का मुख्य आयोजन शामिल है।
उन्होंने राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। सरकार ने सशक्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी, नकल विरोधी और दंगारोधी कानून लागू किए हैं। राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत और मातृशक्ति को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था अब 26 गुना बढ़कर ₹3.78 लाख करोड़ पहुंच गई है और प्रति व्यक्ति आय 17 गुना हुई है। 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं, जबकि निवेश के क्षेत्र में एक लाख करोड़ से अधिक की ग्राउंडिंग हो चुकी है। सरकार लखपति दीदी योजना, वृद्धावस्था पेंशन, वाइब्रेंट विलेज योजना और अंत्योदय गैस रिफिल जैसी योजनाओं के माध्यम से हर वर्ग तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि यह रजत जयंती वर्ष आत्ममंथन, संकल्प और सामूहिक प्रगति का अवसर है, जिसके माध्यम से राज्य 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

Chief Editor, Aaj Khabar
