देहरादून। गैस लीकेज मौत का एक बेहद दर्दनाक मामला उत्तराखंड के देहरादून जिले से सामने आया है। त्यूणी तहसील क्षेत्र के भूठ गांव में एलपीजी गैस लीकेज के कारण तीन राज मिस्त्रियों की मौत हो गई। यह घटना उस समय सामने आई जब सुबह काफी देर तक उनका कमरा नहीं खुला और भीतर से गैस की तेज गंध आने लगी।
घटना राजकीय हाईस्कूल भूठ के एक कमरे की है, जहां तीनों श्रमिक ठहरे हुए थे। मृतकों की पहचान डिरनाड गांव निवासी प्रकाश, संजय और पट्यूड गांव निवासी संदीप के रूप में हुई है। प्रकाश और संजय सगे भाई थे, जबकि संदीप उनका रिश्तेदार बताया जा रहा है। तीनों पिछले कई दिनों से भूठ गांव में रहकर मकानों के निर्माण और मरम्मत का कार्य कर रहे थे।
कमरे से आ रही थी गैस की तेज गंध
सुबह ग्रामीणों ने देखा कि काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला। जब पास जाने पर कमरे से एलपीजी गैस की तेज गंध आने लगी, तो ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन और राजस्व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।
दरवाजा तोड़कर जब कर्मचारी कमरे के अंदर दाखिल हुए, तो तीनों लोग फर्श पर पड़े हुए थे। उनके मुंह से झाग निकल रहा था और वे अचेत अवस्था में थे। तत्काल जांच करने पर पुष्टि हुई कि तीनों की मौत हो चुकी है। कमरे में रखा गैस सिलिंडर पूरी तरह खाली पाया गया।
गैस सिलिंडर हाल ही में भरा गया था
ग्रामीणों के अनुसार, मृतकों ने तीन-चार दिन पहले ही एलपीजी गैस सिलिंडर भरवाया था। आशंका जताई जा रही है कि रात के समय गैस सिलिंडर से रिसाव हुआ, जिससे कमरे में गैस भर गई और दम घुटने से तीनों की मौत हो गई। चूंकि कमरे के दरवाजे और खिड़कियां अंदर से बंद थीं, इसलिए गैस बाहर नहीं निकल सकी।
प्रशासन का बयान
नायब तहसीलदार सरदार सिंह राणा ने बताया कि देहरादून गैस लीकेज मौत का यह मामला प्रथम दृष्टया एलपीजी गैस रिसाव का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।
क्षेत्र में शोक की लहर
घटना के बाद भूठ गांव और आसपास के इलाकों में शोक की लहर है। एक ही परिवार के दो सगे भाइयों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
गैस सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने ग्रामीण इलाकों में गैस सिलिंडर की सुरक्षा और जागरूकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बंद कमरे में गैस लीकेज बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। गैस सिलिंडर का उपयोग करते समय वेंटिलेशन और नियमित जांच बेहद जरूरी है।
फिलहाल प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। देहरादून गैस लीकेज मौत का यह हादसा एक बार फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की याद दिलाता है।


Chief Editor, Aaj Khabar
