Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। ये प्रस्ताव राज्य की प्रशासनिक, धार्मिक और तकनीकी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
मंत्रिमंडल की बैठक में सबसे प्रमुख निर्णय 2027 में हरिद्वार में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेले की तैयारियों को लेकर लिया गया। बैठक में मेला अधिष्ठान कार्यालय के लिए कुल 82 पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की गई, जिनमें 9 स्थायी, 44 अस्थायी और 29 आउटसोर्स पद शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से मेले की व्यवस्थाएं पहले से बेहतर ढंग से संचालित हो सकेंगी।
दूसरा बड़ा निर्णय ई-स्टांपिंग व्यवस्था में बदलाव को लेकर हुआ। अब कस्टम्स बॉन्ड के लिए भी डिजिटल ई-स्टांपिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 की अनुसूची 1-ख में वर्णित गैर पंजीकरण योग्य अनुच्छेद 26 (कस्टम बांड) को ई-स्टांप नियमावली में सम्मिलित किया गया है। इससे राज्य में स्टाम्प शुल्क का इलेक्ट्रॉनिक भुगतान संभव हो सकेगा और करदाताओं को आसानी होगी। सरकार का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को भी बल मिलेगा।
तीसरा प्रस्ताव शिक्षा विभाग से जुड़ा रहा। उत्तराखण्ड राज्य शैक्षिक (अध्यापन संवर्ग) राजपत्रित सेवा नियमावली 2022 में संशोधन को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल गई है। इसमें नियम 5 (भर्ती का स्रोत), नियम 6 (आयु) और नियम 8 (शैक्षिक/प्रशिक्षण योग्यता) में आवश्यक परिवर्तन किए गए हैं, जिससे प्रधानाचार्य की नियुक्तियों की प्रक्रिया अधिक व्यावहारिक और दक्ष हो सकेगी।
कैबिनेट की बैठक में अन्य विभागीय मसलों और कार्मिकों के स्थानांतरण पर भी चर्चा हुई, लेकिन अंतिम निर्णय उपरोक्त तीन प्रस्तावों पर ही हुआ।
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Chief Editor, Aaj Khabar

