Dehradun: सड़क सुरक्षा में बाधक बनी शराब की छह दुकानों को निर्धारित समय पर स्थानांतरित न करने के मामले में जिला आबकारी अधिकारी केपी सिंह को हटाकर आबकारी मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा की गई संस्तुति के आधार पर की गई है, जिसमें उन्होंने अधिकारी के निलंबन की सिफारिश की थी।
मार्च में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इन छह दुकानों को अन्यत्र शिफ्ट करने का निर्णय हुआ था। प्रमुख सचिव आबकारी ने भी 31 जुलाई तक इन दुकानों को हटाने के निर्देश दिए थे। इस बीच एक शराब व्यवसायी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर केपी सिंह ने सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के बिना स्टैंडिंग काउंसिल को एक रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट समिति के निर्णय के विरुद्ध तैयार की गई थी, जिससे शासन स्तर पर सवाल खड़े हुए।
जिलाधिकारी ने इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए उच्च स्तरीय जांच और निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी। आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने बताया कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में जिला आबकारी अधिकारी को मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।
इस प्रकरण में अग्रिम आदेशों तक मसूरी क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार जोशी को जिला आबकारी अधिकारी देहरादून का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
उन्हें देहरादून का प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी बनाए जाने के पीछे उनका बेदाग कार्य इतिहास और अनुशासित छवि अहम वजह रही है। विभाग में अपने सख्त अनुशासन, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जिम्मेदारीपूर्ण नेतृत्व के लिए पहचाने जाने वाले जोशी पूर्व में भी कई महत्वपूर्ण अभियानों में अग्रणी भूमिका निभा चुके हैं।
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उन्हें इस अतिरिक्त दायित्व के लिए कोई अतिरिक्त वेतन या भत्ता नहीं मिलेगा। यह मामला आबकारी विभाग में जवाबदेही और प्रशासनिक अनुशासन को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है।
For latest news updates click here
For English news updates click here

Chief Editor, Aaj Khabar


