Dehradun: उत्तराखंड एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में दो साइबर अपराधियों—हरजिंदर सिंह और संदीप सिंह—को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से संदीप, जो सिर्फ दसवीं पास है, साइबर ठगों को ट्रेनिंग देने का काम करता था।
करोड़ों के लेनदेन और क्रिप्टो करेंसी में भुगतान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर फर्जी व्यावसायिक बैंक खाते खोलने और अन्य साइबर अपराधियों को मुहैया कराने का आरोप है। इन खातों में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। साइबर अपराधी इन खातों को विभिन्न तरह के ऑनलाइन ठगी के मामलों में इस्तेमाल करते थे। जांच में पता चला है कि आरोपियों के पास से लाखों रुपये की क्रिप्टो करेंसी भी बरामद हुई है, जो अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग के साथ लेन-देन के लिए इस्तेमाल की जाती थी।
मलेशिया में दी थी साइबर ठगों को ट्रेनिंग
आरोपी संदीप सिंह फ्लैग कॉरपोरेट अकाउंट खोलने में माहिर है। उसकी इस दक्षता के चलते उसे जून-जुलाई 2024 में मलेशिया बुलाया गया था, जहां उसने साइबर अपराधियों को ट्रेनिंग दी थी।
कैसे देते थे ठगी को अंजाम?
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी टेलीग्राम के जरिए साइबर अपराधियों के संपर्क में आए और फर्जी फर्मों के नाम से विभिन्न बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाए। इसके बाद ये खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराए जाते थे। ओटीपी और अन्य बैंकिंग डिटेल्स को एक एप के माध्यम से लिंक किया जाता था, जिससे साइबर अपराधी इन खातों का इस्तेमाल ठगी के लिए कर पाते थे।
1.2 करोड़ का फायदा, 25 लाख मार्च में ही कमाए
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि पिछले एक साल में उन्होंने करीब 1.2 करोड़ रुपये की कमाई की, जिसमें से सिर्फ मार्च 2025 में ही 25 लाख रुपये हासिल किए थे। आरोपी क्रिप्टो करेंसी को भारतीय मुद्रा में बदलकर विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर लेते थे और फिर एटीएम के जरिए कैश निकालते थे।
एसटीएफ की आगे की कार्रवाई
एसटीएफ की टीम अब इस मामले में और गहराई से जांच कर रही है। डिजिटल वॉलेट के ट्रांजेक्शन और हवाला नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जाएगी। एसटीएफ एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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Chief Editor, Aaj Khabar
