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Dehradun: हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का सचिवालय कूच, गणेश गोदियाल के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन; कई कार्यकर्ता हिरासत में

Dehradun: हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का सचिवालय कूच, गणेश गोदियाल के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन; कई कार्यकर्ता हिरासत में
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Dehradun: उत्तराखंड में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित शुद्धिकरण और हवन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देहरादून में सचिवालय कूच किया और मामले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया।

गणेश गोदियाल के साथ एआईसीसी के प्रदेश सह-प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सचिवालय घेराव के लिए आगे बढ़े। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया और कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

दरअसल, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा हुई थी। कांग्रेस का आरोप है कि रैली के बाद रामलीला मैदान में शुद्धिकरण अनुष्ठान और हवन कराया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे खरगे का अपमान और जातिगत भेदभाव की मानसिकता करार देते हुए विरोध जताया है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद उसी स्थान पर शुद्धिकरण और हवन किया गया और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इसे उचित ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आरएसएस के एजेंडे पर काम कर रही है।

इस विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भी उत्तराखंड पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। एक अनुसूचित जाति समुदाय के व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि शुद्धिकरण अनुष्ठान को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों से समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। शिकायत में दावा किया गया कि रामलीला मैदान में शुद्धिकरण यज्ञ के दौरान वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने स्थल की सफाई और अनुष्ठान में भाग लिया था।

वहीं, गणेश गोदियाल, सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ देहरादून कोतवाली पहुंचे थे और हल्द्वानी के कथित शुद्धिकरण मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

मामला अब उत्तराखंड से बाहर भी राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस की कई प्रदेश इकाइयों में इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं। राहुल गांधी और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी कथित शुद्धिकरण को लेकर सवाल उठाए और इसे मनुवादी मानसिकता से जोड़ते हुए दलित नेता के अपमान का आरोप लगाया।

दूसरी ओर, भाजपा ने इस आयोजन से खुद को अलग करते हुए किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जेपी नड्डा ने संसद में भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा का आयोजकों से कोई संबंध नहीं है और मामले की जांच की जाएगी।

आयोजक श्री राम सेना और स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि हवन खरगे की जाति के कारण नहीं किया गया था। उनका दावा है कि रामलीला मैदान में धार्मिक मर्यादाओं के कथित उल्लंघन के कारण शुद्धिकरण अनुष्ठान कराया गया था।

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