Dehradun: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आज कांवड़ मेला 2025 की तैयारियों की समीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि मेला संचालन से जुड़े समस्त कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से कहा कि कांवड़ मेले को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने हिदायत दी कि मेले की शांति व्यवस्था में बाधा बनने वाले जैसे नशे में धुत, उत्पात मचाने वाले अथवा हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। साथ ही बड़े डीजे साउंड सिस्टम पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आज कांवड़ मेला की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को कांवड़ मेला के संचालन से संबंधित सभी तैयारियां को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि… pic.twitter.com/liAiiZd8LV
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) June 23, 2025
उन्होंने नगर निकायों को नियमित साफ-सफाई, शौचालय और पार्किंग की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। जल संस्थान को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, खाद्य सुरक्षा विभाग को खानपान की गुणवत्ता की नियमित निगरानी रखने तथा पूर्ति विभाग को किसी भी प्रकार की ओवर रेटिंग पर रोक लगाने के लिए सतर्क किया गया। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि यदि इन व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित विभाग या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को समय रहते आंतरिक बैठकें आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के लिए भी कहा। सिंचाई विभाग को स्नान घाटों और पुलों पर स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष कांवड़ मेला 11 जुलाई से 23 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। पंचक अवधि 13 से 17 जुलाई, डाक कांवड़ 20 से 23 जुलाई और जलाभिषेक 23 जुलाई को होगा।
हरिद्वार के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर एक प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी। इसमें यातायात प्रबंधन, पार्किंग, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित योजनाओं का विवरण दिया गया। यातायात व्यवस्था के अंतर्गत विभिन्न रूट प्लान, स्थायी और अस्थायी पार्किंग व्यवस्था तथा रूट डायवर्जन की जानकारी साझा की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने बताया कि मेला क्षेत्र को बेहतर नियंत्रण के लिए 16 सुपर जोन, 37 जोन और 134 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इसके साथ ही मेला प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों और उनसे निपटने के लिए किए जाने वाले निर्माण कार्यों तथा बजट प्रावधानों की जानकारी दी गई।
देहरादून, पौड़ी और टिहरी जनपदों द्वारा भी अपनी तैयारियों और बजटीय आवश्यकताओं की जानकारी साझा की गई। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक वी मुरुगेशन, गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, महानिरीक्षक के एस नग्नयाल सहित संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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Chief Editor, Aaj Khabar


