Dehradun: उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के बीच राजनीति और प्रशासनिक टकराव की तस्वीर सामने आई है। दरअसल, देहरादून में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और जिलाधिकारी सविन बंसल के बीच विवाद का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में मंत्री गणेश जोशी डीएम को सख्त लहजे में रंग-ढंग ठीक करने की नसीहत देते नजर आ रहे हैं।
घटना उस समय हुई जब जिलाधिकारी सविन बंसल मौके पर पहुंचे। मंत्री जोशी ने उनसे कहा कि रात को मुख्य सचिव, गढ़वाल कमिश्नर और एसडीएम तक ने फोन रिसीव किया, लेकिन डीएम ने सुबह मुख्यमंत्री से बात होने तक फोन नहीं उठाया। इस पर डीएम ने मंत्री को नमस्ते कर बिना प्रतिक्रिया दिए वहां से प्रस्थान कर लिया।
वीडियो सामने आने के बाद मंत्री गणेश जोशी से मीडिया ने प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। जोशी धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और मसूरी से चार बार विधायक चुने जा चुके हैं।
कांग्रेस ने इस घटना पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि आपदा की घड़ी में जिलाधिकारी जनता की मदद करें या नेताओं के फोन उठाएं? सार्वजनिक तौर पर इस तरह का व्यवहार किसी मंत्री को शोभा नहीं देता। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नेता लगातार अधिकारियों पर दबाव बनाकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे आपदा प्रबंधन जैसे गंभीर कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
इधर, पौड़ी गढ़वाल में भी विभागीय टकराव की स्थिति बन गई है। श्रीनगर क्षेत्र की जर्जर सड़कों पर कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि चेतावनियों के बावजूद सड़क मरम्मत नहीं की गई, जिसके चलते बारिश में पूरी सड़क बह गई। इस कार्रवाई के विरोध में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता समेत अन्य कर्मचारी प्रदर्शन पर उतर आए।

Chief Editor, Aaj Khabar
