Dehradun: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर कांग्रेस के विरोध पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने एसआईआर में नाम काटे जाने के आरोपों को कांग्रेस की आगामी चुनावी हार के डर से जोड़ा। उन्होंने कहा कि लगातार दो चुनावों में ईवीएम को हार का बहाना बनाने वाली कांग्रेस अब एसआईआर को नया बहाना बना रही है।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के पास घेराव करने और शिकायती ज्ञापन देने का समय है, लेकिन मतदाताओं को एसआईआर प्रक्रिया में सहयोग करने का समय नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और झूठ व अफवाह की राजनीति को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों तथा आयोग के घेराव को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए महेंद्र भट्ट ने आयोग में आयुक्तों के बीच मतभेद से जुड़ी खबरों को आधा सच बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में निर्णय सहमति या बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं। निर्णय से पहले आपसी विचार-विमर्श और चर्चा होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, न कि अंदरूनी कलह का प्रमाण।
उन्होंने कहा कि यदि सभी आयुक्त बिना चर्चा के हर मुद्दे पर सहमत हो जाएं तो विपक्षी दल उसे तानाशाही करार दे सकते हैं। ऐसे में आपसी विचार-विमर्श को लोकतंत्र की मजबूती के रूप में देखा जाना चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश कांग्रेस की ओर से एसआईआर के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों को दोहराया हुआ झूठ बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनावों में अपनी संभावित हार को लेकर चिंतित है और इसी वजह से एसआईआर को मुद्दा बना रही है।
महेंद्र भट्ट ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन सीटों पर सबसे अधिक नाम हटाए जाने की चर्चा हुई, उनमें से कई सीटों पर तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी हुए। उन्होंने बिहार, असम और पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों के चुनावी परिणामों का हवाला देते हुए कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस लंबे समय से एसआईआर जैसी संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैला रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राजभवन, सचिवालय और चुनाव आयोग के घेराव के साथ ही दिल्ली स्थित केंद्रीय चुनाव आयोग के समक्ष भी प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं के पास शिकायतों के माध्यम से फोटो खिंचवाने और विरोध प्रदर्शन करने का समय है, लेकिन मतदाताओं के बीच जाकर एसआईआर प्रक्रिया में उनकी मदद करने का समय नहीं है। भट्ट ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के माध्यम से घुसपैठियों और अवैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं तथा किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एसआईआर के बाद भाजपा के पक्ष में आए चुनावी परिणामों से कांग्रेस डरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर प्रदेश में भाजपा की लगातार तीसरी जीत सुनिश्चित दिखाई दे रही है और कांग्रेस इसे समझ चुकी है।
महेंद्र भट्ट के अनुसार, कांग्रेस अब एसआईआर को चुनाव में हार का नया बहाना बनाने की रणनीति के रूप में इस्तेमाल कर रही है।

Chief Editor, Aaj Khabar
