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Dehradun: उत्तराखंड में सियासी हलचल तेज, 6 बड़े नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा, 2027 चुनाव से पहले बदलेगा समीकरण

Dehradun: उत्तराखंड में सियासी हलचल तेज, 6 बड़े नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा, 2027 चुनाव से पहले बदलेगा समीकरण
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Dehradun: उत्तराखंड की राजनीति में शनिवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस अपनी रणनीति को धार देने में जुटी नजर आ रही है। चर्चाओं के अनुसार राज्य के छह प्रभावशाली नेता आज कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं, जिससे प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है।

सूत्रों के मुताबिक जिन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा है, वे अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। इनमें पूर्व विधायक, पूर्व मेयर और ब्लॉक प्रमुख जैसे प्रभावशाली चेहरे शामिल हैं। हालांकि अभी तक कांग्रेस की ओर से आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है और न ही इन नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कोई पुष्टि की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इन नामों की जोरदार चर्चा है।

गढ़वाल मंडल की बात करें तो उत्तरकाशी की घनसाली सीट से पूर्व विधायक भीमलाल आर्या, मसूरी से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और रुड़की से पूर्व मेयर गौरव गोयल के कांग्रेस में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। खास बात यह है कि रुड़की से जुड़े इस घटनाक्रम के बीच हाल ही में विधायक प्रदीप बत्रा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जिससे राजनीतिक समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं।

वहीं कुमाऊं मंडल से भी तीन बड़े नाम सामने आ रहे हैं। भीमताल क्षेत्र से पूर्व ब्लॉक प्रमुख लाखन सिंह नेगी, सितारगंज से पूर्व विधायक नारायण पाल और रुद्रपुर से पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के भी कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आ रहा है जब हाल ही में भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है।

बताया जा रहा है कि इन सभी नेताओं की ज्वाइनिंग दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान होगी, जहां प्रदेश नेतृत्व के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता भी मौजूद रह सकते हैं। हाल के दिनों में उत्तराखंड कांग्रेस द्वारा दिल्ली में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने का यह नया ट्रेंड भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये नेता कांग्रेस में शामिल होते हैं तो उनके समर्थकों का भी पार्टी में आना तय है, जिससे कई विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की स्थिति मजबूत हो सकती है। वहीं भारतीय जनता पार्टी के लिए यह घटनाक्रम चुनौती बन सकता है, हालांकि बीजेपी भी जवाबी रणनीति के लिए जानी जाती है।

गौरतलब है कि यह संभावित सियासी बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली दौरे पर हैं और हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। ऐसे में आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति और भी रोचक होने के संकेत मिल रहे हैं।

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