Haldwani: जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देश पर गठित संयुक्त समिति द्वारा हल्द्वानी में रेलवे भूमि पर हो रहे अतिक्रमण की स्थिति का सर्वेक्षण एवं सीमांकन किया जा रहा है। गुरुवार को एसडीएम राहुल शाह के नेतृत्व में राजस्व, रेलवे, नगर निगम, वन, विद्युत, खाद्य एवं आपूर्ति तथा जल संस्थान विभागों की टीमों ने संयुक्त निरीक्षण किया।
सर्वेक्षण में सामने आया कि बीते 10–15 वर्षों में रेलवे भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ है, जिनमें अधिकतर अतिक्रमणकर्ता राज्य के बाहर से आकर बसे हैं। प्रारंभ में कच्चे निर्माण कर बाद में उन्हें पक्के मकानों में परिवर्तित कर लिया गया।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि रेलवे भूमि पर एक मस्जिद, एक मदरसा और एक मजार का अवैध निर्माण किया गया है। प्रशासन ने पूर्व में उक्त मदरसे को सील कर दिया था, जबकि अन्य अवैध निर्माणों की जांच अभी जारी है। प्रशासन ने इसे सार्वजनिक भूमि पर धार्मिक ढांचे खड़े कर कब्जा करने की गंभीर अवैध गतिविधि बताया है।
इसके अलावा कई अतिक्रमणकारियों द्वारा बिना वैध दस्तावेजों के स्टाम्प पेपर या सादे कागज़ पर भूमि खरीदने का दावा किया गया है, जिनका राजस्व अभिलेखों में कोई प्रमाण नहीं है। ऐसे सभी लेनदेन पूर्णतः अवैध माने गए हैं।
रेलवे विभाग द्वारा अतिक्रमणकारियों को विधिसम्मत नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिनमें भूमि खाली करने का निर्देश है। निर्धारित अवधि में अनुपालन न होने की स्थिति में रेलवे अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व और रेलवे विभाग द्वारा अतिक्रमण का विस्तृत विवरण तैयार किया जा रहा है, जिसमें नाम, पता, संरचना का प्रकार और कब्जे की तिथि शामिल है। यह विवरण जिलाधिकारी नैनीताल और रेलवे प्रशासन को अग्रिम कार्रवाई के लिए सौंपा जाएगा।
संयुक्त निरीक्षण दल में मनीषा बिष्ट, तहसीलदार हल्द्वानी, कुलदीप पांडे, तहसीलदार लालकुआं समेत विभिन्न विभागों की टीमें उपस्थित रहीं। यह कार्रवाई रेलवे की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए संरक्षित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
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Chief Editor, Aaj Khabar

