Haldwani: हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में पोस्टर और हस्ताक्षर अभियान को लेकर एबीवीपी और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना में एक छात्र घायल हो गया, जिसका उपचार बेस अस्पताल में चल रहा है। मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
जानकारी के अनुसार, आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एबीवीपी कॉलेज गेट के बाहर हस्ताक्षर अभियान चला रही थी। दूसरी ओर, एनएसयूआई के छात्र नेता मेहुल शाह ने नीट-यूजी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में कॉलेज परिसर के भीतर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया।
कॉलेज में परीक्षाएं चलने का हवाला देते हुए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एनएसयूआई के कार्यक्रम का विरोध किया। इस दौरान पोस्टरों को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई। मामला बढ़ने पर प्राचार्य प्रो. एन.एस. बनकोटी ने दोनों पक्षों को परीक्षाएं समाप्त होने तक किसी भी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित नहीं करने की सलाह दी। इसके बावजूद कुछ देर बाद मुख्य गेट पर दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए और विवाद हाथापाई में बदल गया। सुरक्षा कर्मियों और शिक्षकों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया। घटना की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
प्राचार्य प्रो. एन.एस. बनकोटी ने परीक्षाएं समाप्त होने तक कॉलेज परिसर में दो पुरुष और दो महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग करते हुए कोतवाली को पत्र भेजा है।
इधर, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा था, लेकिन इस दौरान छात्र नेता मेहुल शाह के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
विधायक सुमित हृदयेश ने बेस अस्पताल पहुंचकर मेहुल शाह का हालचाल जाना और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व कॉलेज प्रशासन से दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके बाद उन्होंने हल्द्वानी कोतवाली में आयोजित धरना-प्रदर्शन में भी प्रतिभाग किया और इस घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


Chief Editor, Aaj Khabar
