Haridwar: मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भगदड़ की दर्दनाक घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश सरकार और प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने इस हादसे को प्रशासनिक विफलता और सरकारी लापरवाही का परिणाम बताया है। आर्य ने दावा किया कि अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
उन्होंने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। आर्य ने कहा कि श्रावण मास में शिवरात्रि के बाद आने वाला पहला शनिवार और रविवार हरिद्वार में अत्यधिक भीड़भाड़ वाला समय होता है, इसके बावजूद प्रशासन ने कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनावों के चलते पुलिस बल की तैनाती अन्यत्र कर दी गई, जिससे भीड़ नियंत्रण पूरी तरह फेल रहा।
आर्य ने बताया कि मंदिर तक जाने वाले सीढ़ियों के रास्ते को आमतौर पर वन-वे किया जाता है, लेकिन इस बार दोनों ओर से आवाजाही खुली रखी गई, जिससे भगदड़ मची। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति और पुलिस-प्रशासन के बीच कोई तालमेल नहीं था। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने खुद राहत और बचाव कार्य शुरू किया, जबकि पुलिस मौके पर 20 मिनट बाद पहुंची।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार असली मृतकों की संख्या छुपा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मरने वालों की संख्या 15 से अधिक हो सकती है, लेकिन प्रशासन सच को दबा रहा है।
कांग्रेस की ओर से मांग की गई है कि हादसे के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, मृतकों की वास्तविक संख्या सार्वजनिक की जाए और घटना की सच्चाई को जनता के सामने लाया जाए। आर्य ने सरकार से सवाल किया कि इस लापरवाही की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा।
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Chief Editor, Aaj Khabar

