Kashipur: मंडी समिति में भ्रष्टाचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुमाऊं विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को मंडी सचिव कार्यालय पर छापा मारकर प्रभारी मंडी सचिव पूरन सिंह सैनी को 1.20 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह रिश्वत फल मंडी में दो दुकानों के लाइसेंस आवंटन के एवज में मांगी गई थी।
सर्वारखेड़ा निवासी आढ़ती सफायत और शकील ने अपनी पत्नियों के नाम फड़ के लाइसेंस के लिए लगभग आठ दिन पहले आवेदन किया था। आरोप है कि प्रभारी मंडी सचिव, जो मूल रूप से सहायक लेखाधिकारी हैं, ने प्रत्येक लाइसेंस के लिए 60-60 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ताओं ने इस अवैध मांग की जानकारी डायल 1064 पर दी, जिसके बाद विजिलेंस टीम ने मामले की जांच कर ट्रैप प्लान तैयार किया।
मंगलवार को दोपहर 4:30 बजे शिकायतकर्ता तय योजना के तहत मंडी सचिव कार्यालय पहुंचे और सैनी को 1.20 लाख रुपए सौंपे। इस दौरान मौके पर मौजूद विजिलेंस टीम ने पूरन सिंह सैनी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों के अनुसार, ट्रैप की कार्रवाई अब भी जारी है। उधर, निदेशक सतर्कता डॉ. वी मुरूगेसन ने कार्रवाई में शामिल टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
For latest news updates click here
For English news updates click here

Chief Editor, Aaj Khabar

