Nainital: कैंची धाम क्षेत्र में अवैध निर्माण और एनजीटी नियमों के उल्लंघन के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। समाजसेवी विशाल वर्मा ने बताया कि 27 मार्च 2026 को उन्होंने पूर्व पार्षद प्रत्याशी एवं समाजसेवी अंजलि वर्मा के साथ जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल को कैंची धाम में अवैध निर्माण समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था।
विशाल वर्मा के अनुसार जिलाधिकारी ने जांच समिति गठित कर रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद 29 मई 2026 को एसडीएम अनुराग आर्य ने कैंची धाम और आसपास के क्षेत्र में एनजीटी नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए करीब 20 अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं।
उन्होंने बताया कि शिप्रा नदी के किनारे बने होटल और रेस्टोरेंट भी जांच के दायरे में हैं। जांच रिपोर्ट में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित अवैध निर्माणों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
विशाल वर्मा ने कहा कि कैंची धाम ट्रस्ट को मिलने वाले करोड़ों रुपये के दान का उपयोग श्रद्धालुओं के लिए धर्मशालाओं और भंडारा व्यवस्था के विस्तार में किया जाना चाहिए, ताकि भक्तों को रहने और भोजन की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि कई होटल श्रद्धालुओं से प्रतिदिन चार से पांच हजार रुपये तक किराया वसूल रहे हैं, जबकि भोजन और अन्य सेवाओं के नाम पर भी मनमाने दाम लिए जा रहे हैं।
उन्होंने कैंची धाम के आसपास मांस और शराब की बिक्री तथा सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए शिप्रा नदी में सीवर और गंदा पानी छोड़ने वाले होटल व रेस्टोरेंट संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की भी मांग की।
पूर्व पार्षद प्रत्याशी अंजलि वर्मा ने कहा कि कैंची धाम में प्रसाद, मूर्तियों, फोटो, कंबल और अन्य वस्तुओं के मनमाने दामों पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने बिना आवश्यक अनुमति और एनओसी के बनाए जा रहे होटलों और अन्य निर्माण कार्यों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
अंजलि वर्मा ने वीवीआईपी दर्शन के दौरान सामान्य श्रद्धालुओं के साथ कथित भेदभाव और दुर्व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सभी भक्तों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की।
समाजसेवी विशाल वर्मा ने जिलाधिकारी से उनकी अन्य मांगों पर भी जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं और भक्तों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

Chief Editor, Aaj Khabar
