New Delhi: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए देश की आर्थिक विकास रणनीति को स्पष्ट रूप से सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य तेज, टिकाऊ और समावेशी विकास हासिल करना है। इसके लिए बजट में छह सूत्रीय रोडमैप पेश किया गया है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई, शहरी विकास और दीर्घकालिक स्थिरता पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता “ग्रोथ-लेड डेवलपमेंट” है, जिससे आर्थिक प्रगति के साथ रोजगार और निवेश के अवसर भी बढ़ें।
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार आर्थिक वृद्धि को तेज करने और उसे लंबे समय तक बनाए रखने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस करेगी। इनमें रणनीतिक और उभरते सेक्टरों में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार, पारंपरिक उद्योगों का पुनर्जीवन, मजबूत और प्रतिस्पर्धी एमएसएमई का निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देना, दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना तथा शहरी विकास के लिए सिटी इकोनॉमिक रीजन का निर्माण शामिल है।
सरकार की विकास रणनीति में मैन्युफैक्चरिंग को केंद्रीय भूमिका दी गई है। स्वास्थ्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, केमिकल्स और कैपिटल गुड्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना है, जिससे घरेलू मांग पूरी होने के साथ भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती देने के लिए ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना की घोषणा की गई है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश कर बायोलॉजिक दवाओं और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि गैर-संचारी बीमारियों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर यह कदम बेहद अहम है।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को भी बजट 2026 में विशेष प्राथमिकता दी गई है। मौजूदा सेमीकंडक्टर मिशन को आगे बढ़ाते हुए उपकरण निर्माण और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा, वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत निवेश और उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।
आयात पर निर्भरता कम करने के लिए केमिकल सेक्टर में तीन विशेष केमिकल पार्क स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही कैपिटल गुड्स सेक्टर में हाई-टेक और हाई-प्रिसीजन कंपोनेंट्स के घरेलू निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा।
एमएसएमई और पारंपरिक उद्योगों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इन्हें ‘चैंपियन’ बनाने के लिए वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के कदम उठाए जाएंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को गति देते हुए सड़क, रेलवे, लॉजिस्टिक्स और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने की घोषणा की गई है। साथ ही, शहरी विकास के लिए सिटी इकोनॉमिक रीजन विकसित किए जाएंगे, जिससे शहरों और आसपास के क्षेत्रों का संतुलित विकास संभव हो सके।

Chief Editor, Aaj Khabar
