New Delhi: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन मंगलवार को राजधानी दिल्ली में जोरदार विरोध के बीच हुआ। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर मार्च को रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेता धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह तनाव की स्थिति बनी और कई नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
मंगलवार सुबह INDIA ब्लॉक के करीब 140 विपक्षी सांसद संसद भवन परिसर के मकर द्वार से निर्वाचन सदन की ओर मार्च के लिए निकले। मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ ब्रायन समेत कई विपक्षी नेता शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘सेव डेमोक्रेसी’ और ‘सेव माय वोट’ जैसे पोस्टर थे। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर नारेबाजी की गई।
विपक्षी सांसद संसद मार्ग से आगे बढ़ते हुए निर्वाचन सदन की ओर जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के बीच बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। मौके पर दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई थी। रास्ता बंद किए जाने के बाद विपक्षी सांसद सड़क पर ही बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर को लेकर अपनी मांगें दोहराईं।
मार्च रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी। इसी दौरान राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए और हाथ में तिरंगा लहराया। कुछ अन्य विपक्षी नेताओं ने भी बैरिकेड पार करने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए।
प्रदर्शन को आगे बढ़ने से रोकते हुए पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी समेत कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। बाद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर तक पहुंच गए। यहां से निर्वाचन सदन की ओर आगे बढ़ने की कोशिश को भी पुलिस ने रोक दिया।
आकाशवाणी भवन परिसर में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता धरने पर बैठ गए। उनके साथ कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के अन्य नेता भी मौजूद रहे। नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग से जवाब मांगते हुए अपना विरोध जारी रखा।
आकाशवाणी भवन के बाहर कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन भी जारी रहा। कुछ प्रदर्शनकारियों ने परिसर की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस ने क्षेत्र में लागू प्रतिबंधों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों से रास्ता खाली करने की अपील भी की।
विपक्ष का मुख्य विरोध मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और मतदाता पंजीकरण से जुड़े फॉर्म 6 को लेकर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि एसआईआर की प्रक्रिया और मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों से पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के साथ एसआईआर को रोकने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को लेकर स्पष्ट जवाब की मांग कर रहा है।
फॉर्म 6 को लेकर भी विवाद इस प्रदर्शन की प्रमुख वजहों में शामिल है। राहुल गांधी और विपक्षी दलों ने फॉर्म 6 में कथित बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने फॉर्म 6 के किसी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी है। अदालत ने इस मामले में रिकॉर्ड देखने और यह पता लगाने की बात कही कि कथित बदलाव किसके अधिकार से किए गए।
वहीं, चुनाव आयोग ने राहुल गांधी और विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि एसआईआर की प्रक्रिया के तहत इसके साथ अतिरिक्त घोषणा से संबंधित व्यवस्था जोड़ी गई है। आयोग के मुताबिक मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।
विपक्ष के प्रदर्शन पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची को व्यवस्थित और अद्यतन करने की प्रक्रिया के तहत काम कर रहा है। भाजपा ने विपक्ष के प्रदर्शन को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया और चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाए।
प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली के संसद मार्ग, आकाशवाणी भवन और निर्वाचन सदन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए। प्रदर्शन के कारण केंद्रीय दिल्ली के कुछ हिस्सों में यातायात भी प्रभावित हुआ।
मंगलवार को हुए इस प्रदर्शन के साथ चुनाव आयोग, एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष तथा सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया। विपक्ष जहां चुनाव आयोग से जवाब और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर कायम है, वहीं चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज करते हुए अपनी प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बताया है।

Chief Editor, Aaj Khabar
