Uniform civil code: समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत शादियों और लिव-इन संबंधों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। यूसीसी लागू होने के बाद शादी के एक महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन न कराने पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन और अलगाव प्रक्रिया के लिए भी अलग नियम बनाए गए हैं।
शादियों के लिए नए नियम
लिव-इन रजिस्ट्रेशन का प्रावधान
लिव-इन में रहने और अलग होने का रजिस्ट्रेशन रजिस्ट्रार स्तर के अधिकारी के पास कराया जाएगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के सत्यापन में 15 दिन का समय लगेगा। यदि किसी दस्तावेज में कमी पाई जाती है, तो 30 दिन के भीतर अपील की जा सकेगी।
ग्रामीण और शहरी स्तर पर जिम्मेदारी
- ग्रामीण इलाकों में यह जिम्मेदारी ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को दी गई है।
- शहरी क्षेत्रों में सब-रजिस्ट्रार यह कार्य देखेंगे।
- जिला स्तर पर रजिस्ट्रार इन सभी सेवाओं के लिए अधिकृत होंगे।
- कैंट बोर्ड के क्षेत्रों में समकक्ष अधिकारी यह जिम्मेदारी निभाएंगे।
- राज्य स्तर पर रजिस्ट्रार जनरल (सचिव रैंक से नीचे नहीं) अंतिम प्राधिकरण होंगे।
जुर्माना और शुल्क पर फैसला बाकी
रजिस्ट्रेशन के लिए शुल्क और जुर्माना अभी तय नहीं किए गए हैं। इन्हें भविष्य में तय किया जाएगा। यूसीसी लागू होने के बाद वसीयत संबंधी कार्य भी ऑनलाइन किए जा सकेंगे।

Chief Editor, Aaj Khabar
