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Rudraprayag: केदारनाथ धाम में बिहार के श्रद्धालु की बिगड़ी तबीयत, हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश किया गया एयरलिफ्ट

Rudraprayag: केदारनाथ धाम में बिहार के श्रद्धालु की बिगड़ी तबीयत, हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश किया गया एयरलिफ्ट
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Rudraprayag: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में रविवार को दर्शन के लिए पहुंचे बिहार निवासी 66 वर्षीय तीर्थयात्री राम प्रकाश यादव की अचानक तबीयत बिगड़ने से अफरा-तफरी मच गई। सीने में तेज दर्द और स्वास्थ्य गंभीर होने की सूचना मिलते ही धाम में तैनात रेस्क्यू एवं चिकित्सा दल तत्काल मौके पर पहुंचा।

रेस्क्यू टीम ने प्राथमिक उपचार देने के बाद मरीज को स्ट्रेचर के माध्यम से विवेकानंद हॉस्पिटल, केदारनाथ पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उनकी स्थिति गंभीर पाते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के समन्वय से हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई और मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश भेजा गया। वर्तमान में उनका उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को तत्काल रवाना किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को अस्पताल पहुंचाया गया और गंभीर स्थिति को देखते हुए हेलीकॉप्टर से सुरक्षित एम्स ऋषिकेश भेजा गया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान सभी रेस्क्यू एवं चिकित्सा टीमें चौबीसों घंटे सतर्क हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

प्रशासन के अनुसार, केदारनाथ धाम समुद्र तल से लगभग 11,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जहां ऑक्सीजन का स्तर सामान्य क्षेत्रों की तुलना में कम रहता है। ऐसे में हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, श्वास संबंधी बीमारियों या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं। यदि यात्रा के दौरान सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक थकान, चक्कर या अन्य स्वास्थ्य समस्या महसूस हो तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत निकटतम मेडिकल पोस्ट या रेस्क्यू टीम से संपर्क करें। प्रशासन ने बताया कि यात्रा मार्ग पर चिकित्सकीय टीमें, मेडिकल रिलीफ पोस्ट, एंबुलेंस, आपदा प्रबंधन दल और हेलीकॉप्टर सेवाएं लगातार सक्रिय हैं, ताकि आपात स्थिति में समय रहते उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

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