Almora: जिले की जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के परिणामों ने कांग्रेस का पलड़ा भारी कर दिया है। कुल नौ जिला पंचायत सीटों में से कांग्रेस ने छह पर विजय हासिल की, जबकि भाजपा मात्र एक सीट तक सिमट गई। दो सीटें निर्दलीयों के खाते में गईं।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोविंद सिंह कुंजवाल की राजनीतिक पकड़ एक बार फिर साबित हुई है। उनकी बहू सुनीता कुंजवाल ने खांकर सीट से जीत दर्ज की। वहीं, भाजपा विधायक मोहन सिंह मेहरा की स्थिति बेहद कमजोर रही। वे न केवल पूरे क्षेत्र में पार्टी को जीत नहीं दिला सके, बल्कि अपनी परंपरागत सीट डूगरा-भनोली भी नहीं बचा पाए। इस सीट से कांग्रेस की हेमा देवी ने भाजपा प्रत्याशी को 1800 से अधिक वोटों से हराया।
जागेश्वर विधानसभा में दो विकासखंड—धौलादेवी और लमगड़ा—आते हैं, जिनमें कोई नगर निकाय नहीं है। यह पूरा इलाका पंचायत व्यवस्था के तहत आता है। भाजपा विधायक मोहन सिंह मेहरा पहले कांग्रेस में रहते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं, लेकिन पार्टी बदलने और 2022 में विधायक बनने के बाद उनकी लोकप्रियता में गिरावट आई है।
खास बात यह रही कि धारा संग्रोली सीट पर भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़े नवीन बजेठा ने निर्दलीय सुंदर बगडवाल को हराकर जीत हासिल की। ढौरा से कांग्रेस की पूजा, डोल से रजनी फर्त्याल, नौगांव से मुन्नी देवी और काभडी से भावना जोशी ने जीत दर्ज की। खोला सीट पर निर्दलीय हेमा गैड़ा विजयी रहीं। भाजपा को मात्र भैसोडी सीट पर जीत मिली, जहां श्वेता विजयी रहीं।
पंचायत चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस को संबल दिया है, जबकि भाजपा खेमे में आत्ममंथन शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि जनता ने भाजपा विधायक के कार्यकाल से नाराज होकर अपना निर्णय सुना दिया है। पार्टी कार्यकर्ताओं का भी मानना है कि टिकट वितरण में उनकी अनदेखी से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।
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Chief Editor, Aaj Khabar

