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देहरादून। देहरादून पुलिस ने नवोदय विद्यालय समिति/प्रयोगशाला सहायक (Lab Attendant) प्रतियोगी परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस का उपयोग कर नकल करने के आरोप में 17 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। यह परीक्षा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित की गई थी। यह कार्रवाई दो परीक्षा केंद्रों पर की गई, जहां गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभ्यर्थियों के जूतों और अन्य निजी वस्तुओं में ब्लूटूथ डिवाइस छिपाए गए थे। कुल 17 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। इनमें माइक्रो ब्लूटूथ ईयरपीस और जूते में फिट किए गए ट्रांसमीटर शामिल हैं।
पुलिस ने इस संबंध में कोतवाली पटेल नगर और डालनवाला थानों में तीन एफआईआर दर्ज की हैं। गिरफ्तार किए गए उम्मीदवारों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि नकल के पीछे काम कर रहे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ विशेष अभियान समूह (SOG) की टीमें भी पूछताछ में जुटी हुई हैं।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पुलिस को परीक्षा में नकल कराने वाले एक संगठित रैकेट के बारे में पहले से गुप्त जानकारी मिली थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार किए गए सभी अभियुक्तों से तकनीकी उपकरणों की आपूर्ति, प्रश्नों के हल और संपर्क सूत्रों को लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ये डिवाइस बाहर से मंगवाए गए थे और इनका संचालन परीक्षा केंद्र के बाहर बैठे सहयोगी कर रहे थे।
गिरफ्तार अभ्यर्थियों पर परीक्षा में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम, 2024 की धाराएं 3, 4, 10 और 11 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त, भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत भी कार्रवाई की गई है। यह नए कानून उत्तराखंड सरकार की एंटी-चीटिंग नीति पर आधारित हैं और परीक्षा में नकल के मामलों पर कठोर दंड का प्रावधान करते हैं।
एसएसपी ने यह भी कहा कि यह केवल शुरुआत है और पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के बाद इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड और तकनीकी सहायता देने वालों की पहचान हो सकेगी। पुलिस उन व्यक्तियों और संगठनों की भी जांच कर रही है जो इन डिवाइसों की आपूर्ति कर रहे थे या इस योजना में शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली की पवित्रता को बनाए रखने के लिए भविष्य में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी बढ़ाई जाएगी और तकनीकी निगरानी उपकरणों का भी उपयोग किया जाएगा ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें।
प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच रिपोर्ट मांगी है। शिक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह छात्र हो या सहयोगी।
इस घटना से न केवल परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं, बल्कि यह भी स्पष्ट हो गया है कि आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर नकल के नए तरीके सामने आ रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए सतर्कता और सख्ती दोनों आवश्यक हैं।
पूरे प्रकरण में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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Chief Editor, Aaj Khabar

