Haridwar: गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंगलवार को हरिद्वार में आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। इस अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालु हर की पैड़ी और अन्य घाटों पर पहुंचे और पुण्य की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर मां गंगा से सुख, समृद्धि और पापों से मुक्ति की कामना की।
गंगा अवतरण की पौराणिक मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां गंगा आज ही के दिन स्वर्ग से धरती पर उतरी थीं और राजा भगीरथ के पुरखों का उद्धार किया था। इसी कारण हरिद्वार के हर की पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में गंगा स्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही जलदान और अन्नदान जैसे धार्मिक कार्यों का विशेष फल प्राप्त होता है।
श्रद्धालुओं की भीड़ और श्रद्धा का माहौल
गंगा दशहरा के दिन सुबह से ही श्रद्धालु गंगा घाटों पर उमड़ पड़े। हर की पैड़ी, ब्रह्मकुंड और अन्य घाटों पर भारी भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं ने नदियों के किनारे पूजन-अर्चन किया और गंगा जल में आस्था की डुबकी लगाई।
गंगा स्नान का धार्मिक महत्व
ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि गंगा दशहरा पर मौन रहकर स्नान करने से व्यक्ति को दस प्रकार के दोषों से मुक्ति मिलती है। इसमें चार शारीरिक, तीन मानसिक और तीन वाचिक दोष शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन मोक्ष की प्राप्ति का विशेष अवसर माना जाता है।
हरिद्वार में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
हरिद्वार पुलिस प्रशासन ने गंगा दशहरा के मद्देनज़र सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि संपूर्ण मेला क्षेत्र को 2 सुपर जोन, 11 जोन और 27 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। हर सेक्टर में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। साथ ही, CCTV के ज़रिए निगरानी की जा रही है और यातायात व्यवस्था को भी सुगम बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
स्नान और दान का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि 4 जून रात 11:54 बजे से प्रारंभ होकर 5 जून की रात 2:15 बजे तक रही। उदया तिथि के अनुसार गंगा दशहरा 5 जून को मनाया गया। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का शुभ समय सुबह 4:07 बजे तक था, जबकि सिद्धि योग 9:14 बजे तक रहा, जिसे दान और स्नान के लिए अत्यंत शुभ माना गया।
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Chief Editor, Aaj Khabar

