Uttarkashi: उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री मार्ग स्थित धराली कस्बे में 5 अगस्त को खीर गंगा से आए जलसैलाब ने भीषण तबाही मचाई, जिससे पूरा कस्बा मलबे में तब्दील हो गया। हादसे के बाद से जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और भारतीय सेना की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। अब तक 20 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि रेस्क्यू में लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि घटना दोपहर करीब 1:50 बजे रिपोर्ट की गई थी। इसके बाद राहत कार्य शुरू कर दिए गए। कस्बे में 20 से 25 फीट तक मलबा भर गया है और कई स्थानों पर संपर्क मार्ग भी बाधित हो गए हैं। नेताला में मुख्य मार्ग बंद है, जिसे खोलने के लिए बीआरओ की टीम तैनात की गई है। अन्य दो से तीन स्थानों पर भी मार्ग बाधित हैं, जिनकी मरम्मत का कार्य चल रहा है।
सुक्की टॉप सहित दो से तीन जगहों पर बादल फटने और लगातार अतिवृष्टि के कारण यह आपदा आई है। भारतीय सेना की आइबेक्स ब्रिगेड के सौ से अधिक जवान मौके पर पहुंच चुके हैं। वहीं राज्य कंट्रोल रूम से लगातार स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और हर स्तर पर सहायता समन्वयित की जा रही है।
वायुसेना से भी राहत कार्य में सहायता मांगी गई है, लेकिन खराब मौसम के चलते फिलहाल वायुसेना से मदद नहीं मिल सकी है। जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, वायुसेना की मदद शुरू हो सकती है।
देहरादून स्थित राज्य डिजास्टर कंट्रोल रूम में हालात की गंभीरता को देखते हुए सभी उच्च अधिकारी तैनात हैं। आपदा प्रबंधन सचिव की अनुपस्थिति में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने जिम्मेदारी संभाली है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर आपदा की स्थिति की निगरानी की है।
उत्तरकाशी में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने तीन आईएएस अधिकारियों—अभिषेक रूहेला, मेहरबान सिंह बिष्ट और गौरव कुमार—को तत्काल प्रभाव से जिले में तैनात किया है ताकि राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सके।
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Chief Editor, Aaj Khabar

